कुछ लोग अपने देश की सीमा अपने परिवार तक रखते है तो कुछ लोग अपने व्यापार तक, कुछ अपने समाज या जाति तक, तो कुछ अपनी संपत्ति तक, तो कुछ अपने अहंकार तक, तो कुछ अपने स्वार्थ तक तो कुछ अपनी राजनीति तक। फिर उनकी सीमाओं में घुसकर कोई आतंकवाद करता है तब उन्हें बडी पीडा होती है। कभी अपने देश की सीमा किसान से लेकर सैनिक तक कर के देखें तो देश क्या होता है ये समझ में आने लगेगा। अपने लिए तो हर कोई जीता है। जो काम आप अपने परिवार के लिए या अपने लिए कर रहे हो उसी को सिर्फ इतना मान लो कि देश के लिए कर रहे हो तो प्रामाणिकता, सच्चाई अपने आप चरित्र में उतरने लगेगी। शिक्षक है तो सोचें कि मैं बच्चों को इस देश में लिए पढा रहा हूँ, व्यापारी है तो सोचें कि मैं देश को आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाने के लिए व्यापार कर रहा हूँ, किसान है तो सोचें कि इस देश को भोजन देने के लिए और समृद्ध बनाने लिए मेहनत कर रहा हूँ। जब हर कोई नागरिक ऐसे सोच कर कर्म करेगा तो वह देश का सच्चा सैनिक ही कहलायेगा। जिस देश में राम, कृष्ण, बुद्ध और महावीर जन्म लेते है उसी देश में हमें जन्म मिला ये सबसे बडा सौभाग्य है। जन्म और मृत्यु इसके बीच में जो ये जीवन है वो अगर देश के लिए जी रहे हैं तो राम, कृष्ण, बुद्ध, महावीर, गुरू नानक ये सब हम पर कृपा ही करेंगे, आशीर्वाद ही देंगे।
Thought process and understanding can lead to good learning, good learners can be good masters. Good masters are need of time. Life long learning is ultimate and unavoidable.
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