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Showing posts from 2019

जाती वर्ण व्यवस्था

चातुर्वर्ण्यं मयासृष्टं गुणकर्म विभागश:... भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि चार वर्ण - ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र (ज्ञान, शक्ति, व्यवहार और सेवा) यह सब व्यक्...

सोचें

कुछ लोग अपने देश की सीमा अपने परिवार तक रखते है तो कुछ लोग अपने व्यापार तक, कुछ अपने समाज या जाति तक, तो कुछ अपनी संपत्ति तक, तो कुछ अपने अहंकार तक, तो कुछ अपने स्वार्थ तक तो कुछ अ...